मित्र रुसो,
दुनियाभर में मोटापे को एक गंभीर समस्या के रूप में देखा जाता है। लगभग सारे देश, चाहे आमिर हो या गरीब, विकसित या विकासशील, इस विकराल समस्या से जूझ रहे हैं। शायद मोटापा ही एक मात्र ऐसी बिमारी है जिसका जनक पूर्णरुप से इंसान खुद ही है। हालिया में अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने भी जनता को इससे सचेत रहने का आग्रह किया था। मगर रुसो इस अतुलनीय देश भारत की बात तो कुछ और ही है।
यहाँ मोटापा बुराई नहीं बल्कि अच्छाई का प्रतीक है। बल्कि उससे भी दो कदम आगे, यह बलिदान का प्रतीक है। रुसो यह मै नहीं बल्कि खुद को सबसे कमजोर, सबसे गरीब, सबसे सच्चा और पत्र